चक्कर आने पर
चक्कर आने पर
कभी-कभी किसी को चक्कर आते है,! बेठे रहना के बाद उठने पर आँखों के समाने अंधेरा छ जाता है ! और चक्कर आता है! इस स्थिति में एक सफल सिद्ध नुक्सा प्रस्तुत है !
एक कड़वी , सुखी , लम्बी या गोल या तुम्बी जो पकने का बाद अपने अपना आप सुख चुकी हो, लेकर इसे डण्ठल की तरफ से काट दे, ताकि अंदर का पोला खोकलापन दिखाई दे !
इसके अंदर बीज या सूखा गूदे हो तो हिला-हिलाकर गिरा दे !इसमें ऊपर तक पानी भर कर 12 घंटे तक रखे फिर हिलाकर पानी निकाल कर साफ कपड़ा से दो बार छान लो !
इस पानी को ऐसे बर्तन में भरे, जिसमें अपनी नाक डुबो सके ! नाक डुबोकर खूब जोर से सास खीचे, ताकि पानी नाक से अंदर चढ़ जाए !
दिनभर नाख से पानी टपकता रहेगा ! पानी खीचने के बाद नाख नीची करके आराम करे ! इस उपाय से या व्याधीं सदा के लिया नष्ट हो जाती है !


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